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Wednesday, 19 October 2011

झपकी लीजिए, मस्‍त रहिए

हममें से बहुतों को हर रोज रात में सात से आठ घंटे सोने की सलाह दी जाती है। और जो लोग दिन में अपने काम के बीच एकाध झपकी ले लेते हैं, उन्‍हें डर लगता है कि कहीं ऐसा करने से उनकी रात की नींद न खराब हो जाए।

लेकिन अमेरिका के शोधकर्ताओं का कहना है कि दिन में झपकियां लेने से रात की नींद में खलल नहीं पड़ता और न ही रात में नींद आना मुश्किल होता है, बल्कि झपकियां लेने से दिमाग कहीं बेहतर तरीके से काम करता है। इस संबध में अमेरिका में एक शोध किया गया।

शोधकर्ताओं ने करीब 32 वयस्‍क लोगों को सोचने और याद करने का कुछ काम‍ दिया। तीसरे दिन उन्‍हें दो से चार बजे दोपहर में थोड़ी देर झपकियां लेने या हल्‍का सो लेने के लिए कहा गया।

उसके बाद चार दिनों तक उन लोगों ने बिल्‍कुल झपकी नहीं ली और काम पूरा किया। जिस दिन उन लोगों ने झपकियां ली थीं, उस दिन उनके काम का प्रदर्शन बेहतर रहा। साथ ही साथ दिन में झपकी लेने का कोई भी प्रभाव उनकी रात्रि की नींद पर नहीं पड़ा।

उनकी रात की नींद पहले की तरह ही गहरी और संतुष्टिदायक थी। निद्रा संबंधी गड़बड़ियों के विशेषज्ञ डॉ. थॉमस रॉथ का कहना है, ‘दरअसल जैविक रूप से मनुष्‍य को 10 घंटे नींद की आवश्‍यकता होती है। इसलिए अगर संभव हो तो, आप दिन में भी थोड़ी देर सोने का समय निकालें।

सभी लोग दिन में झपकियां नहीं ले सकते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि सौभाग्‍य से यदि आप सप्‍ताह के अंत में भी, अगर दोपहर में आराम कर सकें तो यह बहुत फायदेमंद होता है।