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Saturday, 28 January 2012

good thoughts

माता पिता की आँखों में दो बार आंसू आते हैं. एक तब जब बिटिया पराई बनकर घर छोडती है और दूजा तब जब बेटा पत्निवश होकर घर छोड़ता है. जिनके पास धन नहीं वो गरीब नहीं हैं, गरीब तो वो है जिनके पास अथाह धन होते हुए भी उनकी इच्छाएं अतृप्त होती हैं. बिना कारण के किसी को कोई सूचन करना या किसी को सुधारने में लग जाना यह दर्शाता है की हमारे भीतर अहंकार ने जन्म ले लिया है. चंद सिक्कों के लिए.. तुम न करो काम बुरा.. हर बुराई का सदा होता है अंजाम बुरा.. जुर्म वालों की कहाँ उम्र बड़ी है यारों उनकी राहों में सदा मौत खड़ी है यारो जुल्म करने से सदा जुल्म ही हांसिल होगा जो न सच बात कहे वो कोई बुजदिल होगा सरफरोशों ने लहू देकर जिसे सींचा है ऐसे गुलशन को उजड़ने से बचा लो यारो देश के नाम अपनी जवानी लिखी यह जवानी है क्या.. जिंदगानी लिखी.. बस यहाँ तक की हमने कहानी लिखी अब लिखो.. इसके आगे की तुम दास्ताँ **************** अब लिखो.. इसके आगे की तुम दास्ताँ फ़र्ज़ कर दो अदा.. ताकि जीता रहे अपना हिंदुस्तान