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Friday, 7 June 2013

समय पर सोएं व समय पर जागें

www.goswamirishta.com

देर रात बच्चों को न करने दें पढ़ाई


अमृतसर: आजकल के युग में देर रात तक जागना तो जैसे ट्रैंड बन गया हो। अगर आपको देर रात तक जागने की आदत है या फिर देर रात तक टी.वी. देखते हैं तो सतर्क हो जाएं क्योंकि आपको अंदाजा ही नहीं है कि यह आपके लिए कितना खतरनाक हो सकता है।

डाक्टरों का मानना है कि इससे मोटापा आता है तथा शरीर बेडौल हो जाता है। कुछ एक्सपटर्स का मानना है कि 7 घंटे की नींद लेने वाली महिलाओं की तुलना में 5 घंटे की नींद लेने वाली महिलाओं का वजन ज्यादा होता है।

हार्मोन्स पर पड़ता है असर : डाक्टरों के मुताबिक नींद का असर हार्मोन (लेप्टिन व ग्रेलिन) पर पड़ता है। यह हार्मोन पर्याप्त वसा संग्रह का संकेत होता है और प्राकृतिक तरीके से भूख को दबाता है। यह हार्मोन मस्तिष्क को यह संकेत देता है कि अब कुछ खाना चाहिए। नींद पूरी न होने पर लेप्टिन का स्तर कम हो जाता है और भूख लगने लगती है। इसी स्थिति में भूख लगाने के लिए जिम्मेदार ग्रेलिन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है और मस्तिष्क को भूख लगने का संकेत मिल जाता है, जिस कारण व्यक्ति ज्यादा खाता और नतीजा होता है मोटापा।


बच्चों पर असर : आलम यह है कि बड़ों के साथ-साथ बच्चों को भी देर तक जागना महंगा पड़ सकता है चाहे वो फिर पढ़ाई करने के लिए ही क्यों न हो। रात भर जागने से भूख का अहसास खत्म नहीं होता और इसलिए लगातार खाने के कारण मोटापा बढ़ता रहता है।

ऐसे में फिर मोटापे से छुटकारा पाने के लिए डाइटिंग व कई अन्य उपाय किए जाते हैं लेकिन सही नींद का तो किसी को ख्याल नहीं रहता। डाक्टरों का मानना है कि यह एक स्लीप डिस्आर्डर होता है जिसका सीधा संबंध मोटापे से होता है। नींद कम होने से शरीर अधिक कैलरी खत्म नहीं कर पाता और अतिरिक्त कैलरी वसा बनकर जमने लग जाती है व वजन घटाने की सारी मेहनत पर पानी फिर जाता है। ऐसे में अगर शरीर को सही रखना चाहते हैं तो समय पर सोएं व समय पर जागें।


देर रात बच्चों को न करने दें पढ़ाई


अमृतसर: आजकल के युग में देर रात तक जागना तो जैसे ट्रैंड बन गया हो। अगर आपको देर रात तक जागने की आदत है या फिर देर रात तक टी.वी. देखते हैं तो सतर्क हो जाएं क्योंकि आपको अंदाजा ही नहीं है कि यह आपके लिए कितना खतरनाक हो सकता है।

 डाक्टरों का मानना है कि इससे मोटापा आता है तथा शरीर बेडौल हो जाता है। कुछ एक्सपटर्स का मानना है कि 7 घंटे की नींद लेने वाली महिलाओं की तुलना में 5 घंटे की नींद लेने वाली महिलाओं का वजन ज्यादा होता है।

हार्मोन्स पर पड़ता है असर : डाक्टरों के मुताबिक नींद का असर हार्मोन (लेप्टिन व ग्रेलिन) पर पड़ता है। यह हार्मोन पर्याप्त वसा संग्रह का संकेत होता है और प्राकृतिक तरीके से भूख को दबाता है। यह हार्मोन मस्तिष्क को यह संकेत देता है कि अब कुछ खाना चाहिए। नींद पूरी न होने पर लेप्टिन का स्तर कम हो जाता है और भूख लगने लगती है। इसी स्थिति में भूख लगाने के लिए जिम्मेदार ग्रेलिन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है और मस्तिष्क को भूख लगने का संकेत मिल जाता है, जिस कारण व्यक्ति ज्यादा खाता और नतीजा होता है मोटापा।


बच्चों पर असर : आलम यह है कि बड़ों के साथ-साथ बच्चों को भी देर तक जागना महंगा पड़ सकता है चाहे वो फिर पढ़ाई करने के लिए ही क्यों न हो। रात भर जागने से भूख का अहसास खत्म नहीं होता और इसलिए लगातार खाने के कारण मोटापा बढ़ता रहता है। 

ऐसे में फिर मोटापे से छुटकारा पाने के लिए डाइटिंग व कई अन्य उपाय किए जाते हैं लेकिन सही नींद का तो किसी को ख्याल नहीं रहता। डाक्टरों का मानना है कि यह एक स्लीप डिस्आर्डर होता है जिसका सीधा संबंध मोटापे से होता है। नींद कम होने से शरीर अधिक कैलरी खत्म नहीं कर पाता और अतिरिक्त कैलरी वसा बनकर जमने लग जाती है व वजन घटाने की सारी मेहनत पर पानी फिर जाता है। ऐसे में अगर शरीर को सही रखना चाहते हैं तो समय पर सोएं व समय पर जागें।