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Saturday, 14 December 2013

मृत सञ्जीवनी विद्या !

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मृत सञ्जीवनी विद्या ! [ शुक्राचार्य द्वारा उपासित ]
ॐ हौं जूँस: ॐ भूर्भुव: स्व: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे ॐ तत्सवितुर्वरेण्यं ॐ सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम ॐ भर्गो देवस्य धीमहि ॐ उर्वारुकमिव बन्धनाद ॐ धियो यो न प्रचोदयात ॐ मृत्योर्मुक्षीय माSमृतात ॐ स्व: भुव: भू: ॐ स: जूँ ह्रौं ॐ!!


मृत सञ्जीवनी विद्या ! [ शुक्राचार्य द्वारा उपासित ] 
ॐ हौं जूँस: ॐ भूर्भुव: स्व: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे ॐ तत्सवितुर्वरेण्यं ॐ सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम ॐ भर्गो देवस्य धीमहि ॐ उर्वारुकमिव बन्धनाद ॐ धियो यो न प्रचोदयात ॐ मृत्योर्मुक्षीय माSमृतात ॐ स्व: भुव: भू: ॐ स: जूँ ह्रौं ॐ!!