कलयुग के भगवान, हैं मेरे हनुमान,
संकट मोचन वीर, बजरंगी भगवान।।
जहाँ भी अंधेरा हो, तू उजाला बन जाए,
भक्तों की पुकार पर, तू दौड़ा चला आए।
राम नाम है बसा, तेरी हर एक सांस में,
भक्ति और शक्ति बसती, तेरे हर विश्वास में।
कलयुग के भगवान, हैं मेरे हनुमान,
संकट मोचन वीर, बजरंगी भगवान।।
लंका को जलाया, जब सीता की लाज थी,
तेरी दहाड़ में छुपी, पूरी सृष्टि की आवाज़ थी।
चरणों में तेरे झुके, हर जीव और प्राणी,
तेरे बिना अधूरी, हर एक कहानी।
कलयुग के भगवान, हैं मेरे हनुमान,
संकट मोचन वीर, बजरंगी भगवान।।
तेरे नाम की माला, जो सच्चे मन से जपे,
हर दुख, हर पीड़ा, खुद-ब-खुद कटे।
ना कोई स्वार्थ तुझमें, ना कोई अभिमान,
सेवा ही तेरा धर्म, तू है महान भगवान।
कलयुग के भगवान, हैं मेरे हनुमान,
संकट मोचन वीर, बजरंगी भगवान।।
राम के दुलारे, अंजनी के लाल,
तेरे बिना सूना, भक्तों का हाल।
जय जय हनुमान, तू सबसे महान,
तेरे चरणों में है, मेरा सारा जहान।