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Monday, 25 November 2013

नामजप कितना करना चाहिए ?

आरम्भमें हाथमें माला लेकर कमसे कम १५ मिनट बैठकर नामजप करनेका प्रयास करें | यदि सुबह संभव न हो तो संध्याकालमें कार्यालयसे घर लौटनेके पश्चात, हाथ-पैर धोकर, एक आसनपर बैठकर नामजप करनेका प्रयास करें अर्थात मेरी दिनचर्यामें कमसे कम १५ मिनट, मैं नामजपके लिए अवश्य दूँ, ऐसा प्रत्येक गृहस्थका प्रयास होना चाहिए और धीरे-धीरे इसे दो घंटे तक ले जानेका प्रयास करें | आप स्वयं ही अनुभव करेंगे कि शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्यमें सुखद परिवर्तन तो आएगा ही, गृहस्थ जीवनकी अन्य कई समस्याएँ समाप्त हो जाएँगी, मन शांत एवं आनंदित रहने लगेगा और व्यावसायिक जीवनमें भी कम प्रयासमें ही यश मिलने लगेगा | मुझे कई विद्यार्थियों ने बताया है कि नामजपके प्रयास आरम्भ करनेके पश्चात उनकी ग्रहण-शक्ति और स्मरण शक्तिमें अत्यधिक सुधार आया है |

गृहिणियोंको नामजप भोजन बनाते समय या भोजन परोसते समय तो अवश्य ही करना चाहिए, इससे भोजनमें ईश्वरका चैतन्य समाहित हो जाता है और भोजनके माध्यमसे नामजप परिवारके सदस्योंके सूक्ष्म शरीरमें प्रवेश कर उनकी वृत्तिमें परिवर्तन लाता है | प्रतिदिन रात्रिमें सोनेसे पूर्व दिन भर नामजप हेतु किए गए प्रयासकी समीक्षा करें और एक ध्येय रख उस ओर बढ़ते जाएँ | ध्यान रहे हमारा नामजप शीघ्रातिशीघ्र अखंड हो इस हेतु हमें प्रयास करने चाहिए | यदि नामजप अखंड होने भी लगे तब भी कमसे कम एक घंटे. बैठकर नामजप अवश्य ही करना चाहिए |

इससे नामजपका संस्कार अन्तर्मनमें दृढ़ होता है , निर्विचार अवस्थाकी अनुभूति होती है, मनको आनंदकी अनुभूति होती है और एकाग्रतापूर्वक किए गए नामजपसे अनिष्ट शक्तिसे लड़नेकी शक्ति प्राप्त होती है | यदि सुबह ही एक से दो घंटेका नामजप कर लिया जाये तो दिन भर अनिष्ट शक्तिके आक्रमणसे बचाव होता है और व्यावहारिक जीवनमें अनिष्टशक्तिद्वारा आनेवाली अडचन कम हो जाती हैं
नामजप कितना करना चाहिए ?
आरम्भमें हाथमें माला लेकर कमसे कम १५ मिनट बैठकर नामजप करनेका प्रयास करें | यदि सुबह संभव न हो तो संध्याकालमें कार्यालयसे घर लौटनेके पश्चात, हाथ-पैर धोकर, एक आसनपर बैठकर नामजप करनेका प्रयास करें अर्थात मेरी दिनचर्यामें कमसे कम १५ मिनट, मैं नामजपके लिए अवश्य दूँ, ऐसा प्रत्येक गृहस्थका प्रयास होना चाहिए और धीरे-धीरे इसे दो घंटे तक ले जानेका प्रयास करें | आप स्वयं ही अनुभव करेंगे कि शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्यमें सुखद परिवर्तन तो आएगा ही, गृहस्थ जीवनकी अन्य कई समस्याएँ समाप्त हो जाएँगी, मन शांत एवं आनंदित रहने लगेगा और व्यावसायिक जीवनमें भी कम प्रयासमें ही यश मिलने लगेगा | मुझे कई विद्यार्थियों ने बताया है कि नामजपके प्रयास आरम्भ करनेके पश्चात उनकी ग्रहण-शक्ति और स्मरण शक्तिमें अत्यधिक सुधार आया है |

गृहिणियोंको नामजप भोजन बनाते समय या भोजन परोसते समय तो अवश्य ही करना चाहिए, इससे भोजनमें ईश्वरका चैतन्य समाहित हो जाता है और भोजनके माध्यमसे नामजप परिवारके सदस्योंके सूक्ष्म शरीरमें प्रवेश कर उनकी वृत्तिमें परिवर्तन लाता है | प्रतिदिन रात्रिमें सोनेसे पूर्व दिन भर नामजप हेतु किए गए प्रयासकी समीक्षा करें और एक ध्येय रख उस ओर बढ़ते जाएँ | ध्यान रहे हमारा नामजप शीघ्रातिशीघ्र अखंड हो इस हेतु हमें प्रयास करने चाहिए | यदि नामजप अखंड होने भी लगे तब भी कमसे कम एक घंटे. बैठकर नामजप अवश्य ही करना चाहिए |

इससे नामजपका संस्कार अन्तर्मनमें दृढ़ होता है , निर्विचार अवस्थाकी अनुभूति होती है, मनको आनंदकी अनुभूति होती है और एकाग्रतापूर्वक किए गए नामजपसे अनिष्ट शक्तिसे लड़नेकी शक्ति प्राप्त होती है | यदि सुबह ही एक से दो घंटेका नामजप कर लिया जाये तो दिन भर अनिष्ट शक्तिके आक्रमणसे बचाव होता है और व्यावहारिक जीवनमें अनिष्टशक्तिद्वारा आनेवाली अडचन कम हो जाती हैं