🎵 "इंसान बन जाओ, देश बचाओ" 🎵
देश की मिट्टी पुकार रही है,
ज़मीर से फिर सवाल करो,
भीड़ में मत खो जाओ यारों,
अब खुद से भी सवाल करो। ✅
झूठी बातों के जाल में मत फँसना,
देश विरोधी जय चंद बन जायेंगे ?
सोचो, समझो, पहचानो उनको,
सच का साथ तुझे इंसान बनाएगा। ✅
देश बचाना है तो इंसान बनकर सोचिए,
ना जात, ना मज़हब — अपने ज़मीर से पूछिये।
समानता और इंसानियत का विरोध क्यों ?
झुकना नहीं, रुकना नहीं — अपनी आत्मा की सुनिए! ✅
वोट के लिए जो बाँट रहे हैं,
वो कभी देश के होते नहीं,
नफ़रत के बीज जो बोते हैं,
वो देश को आगे बढ़ाते नहीं। ✅
भड़काने से दिमाग़ मत चलाओ,
अपने अंदर विचार का दीप जलाओ,
समानता से सही और ग़लत में फर्क करो,
भेदभाव करने बालों से बचकर चलो। ✅
हमें विकास चाहिए, नफ़रत नहीं,
कुर्सी उनको मिलेगी, तुम्हें नहीं,
जो समानता का साथी बन जाए,
वो ही देश का नेता कहलाए।
इंसानियत ही असली राष्ट्रधर्म है,
नारी का सम्मान ही शास्त्र धर्म है,
जब तक भेदभाव जिन्दा रहेगा,
तब तक देश जलता रहेगा। ✅
देश बचाना है तो इंसान बनकर सोचिए,
ना जात, ना मज़हब — अपने ज़मीर से पूछिये।
समानता और इंसानियत का विरोध क्यों ?
झुकना नहीं, रुकना नहीं — अपनी आत्मा की सुनिए!
आज से एक वचन लो,
सिर्फ़ समानता और इंसानियत से संबंध हो,
देश के लिए जीना है तो,
पहले इंसान बन जाना होगा।
भारत माता की जय , वन्दे मातरम, जय श्री राम,
जय भवानी, जय शिवाजी, जय महाकाल,