JAI SAI BABA KI

गुरु की शरण हो या स्मरण समान रूप से उस आश्रय स्थल की तरह होता है, जिसके साये में हर कोई नया मनोबल, शांति, धैर्य, ऊर्जा, सुख पाकर सारी अशांति, भय या कलह से मुक्त हो जाता है। गुरु कृपा शिष्य की शक्ति और चेतना को जगाकर जीवन को सार्थक व सफल बनाने की राह पर ले जाती है। उम्मीदों, आशाओं को पूरा कर आत्मविश्वास जगाने वाली ऐसी ही पनाह जगतगुरु साईं बाबा की भक्ति, ध्यान व स्मरण भी माना जाता है। धार्मिक आस्था से परब्रह्म का योग व ज्ञान स्वरूप माने जाने वाले साईं बाबा की उपासना सांसारिक जीवन से जुड़ी हर कामना को सिद्ध करने वाली व तमाम दु:खों को काटने वाली मानी गई है। सुख-समृद्ध जीवन की आस पूरी करने के लिए ही साईं भक्ति की परंपरा में गुरुवार के दिन साईं का कुछ विशेष पवित्र व चमत्कारी शब्दों व पंक्तियों से जयकारा लगाना बहुत ही शुभ फलदायी माना जाता है। जानिए, बाबा साईं का यह करिश्माई जयकारा व पूजा का सरल उपाय - - घर या साईं मंदिर में साईं बाबा के चरणों में पीले चंदन, पीले अक्षत, पीले फूलों, पीले वस्त्र, पीले रंग की मिठाईयां व श्रीफल अर्पित करें। - श्रद्धा व भक्ति के साथ अकेले मन ही मन या सामूहिक रूप से पूजा व आरती कर साईं के इस जयकारे को आस्था व भक्ति भाव के साथ तमाम असफलताओं, कष्टों व दोषों से छुटकारे की कामना कर बोलें - अनंत कोटि ब्रह्माण्ड नायक राजाधिराज योगिराज परब्रह्म श्री सच्चिदानंद सद्गुरु साईंनाथ महाराज की जय।। साईं बाबा का यह जयकारा कागज पर लिखकर अपने पर्स में या साईं तस्वीर के साथ घर की दीवारों या कार्यालय में लगाना अशुभ व अनिष्ट को दूर रखने वाला माना गया है।
0 0

Feetured Post

ShadiRishta.com – Best Matrimony Website in India Free

  ShadiRishta.com – Best Matrimony Website in India Free Looking for the best matrimony website in India free? 🌸 Your search ends with Sha...